जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र उमर ख़ालिद को साल २०१६ में राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। आने वाले सालों में, उमर बहुसंख्यकवादी हिंदुत्व, बेलगाम पूंजीवाद, और सत्तारूढ़ ताक़तों के निर्भीक और बेबाक आलोचक के रूप में उभरे। सी.ए.ए. − एन.आर.सी. क़ानून-विरोधी शाहहीन बाघ आंदोलन का उमर ने खुलकर समर्थन किया। सितम्बर २०२० में आतंक-विरोधी यू.ए.पी.ए. क़ानून के तहत, २०२० के दिल्ली दंगो को भड़काने की साज़िश रचने के लिए उमर को गिरफ्तार कर लिया गया। आज तक इस केस पर मुक़दमा शुरू नहीं हुआ है और पिछले साढ़े-पाँच साल से उमर जेल में बंद हैं। सुनिए ‘उमर ख़ालिद एंड हिज़ वर्ल्ड’ यानी ‘उमर ख़ालिद और उसकी दुनिया’ किताब के संपादक और उमर के मित्र, शुद्धब्रता सेनगुप्ता, के साथ किताब पर एक चर्चा।
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(‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।)






