एपिसोड 51: ‘स्पेक्टेकल स्टेट’ − ब्रह्म प्रकाश

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पिछले वर्ष जब प्रोफेसर ब्रह्म प्रकाश बिहार में अपने गाँव लौटे, तो राम नवमी के अवसर पर बैनर, पोस्टर, झंडे, और जुलुस देखकर चकित रह गए। जुलुस में तेज़ डीजे वाला गाना-बजाना था और तलवार व लाठी लहराते हुए बाइक पर लड़के थे। जब उनको पता चला कि उनके समाज के लड़के भी ऐसे जुलूसों में शामिल होते हैं, तो वे और हैरत में पड़ गए। ‘स्पेक्टेकल’ यानी तमाशा, प्रदर्शन, या दृश्यता के जरिये कैसे हिंदुत्व की राजनीति, देश के संस्कृति और सोच को ढाल रही है – इसका अध्यन है, उनकी किताब ‘स्पेक्टेकल स्टेट’। किताब में हिन्दुत्ववादियों के इस परियोजना के तहत बुलडोज़र, तलवार, संगीत, विशाल मूर्तियों, इमारतों व अन्य प्रतीकों की भूमिका पर चर्चा, भारत के भविष्य को ले के एक चेतावनी भी है।

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  6. एपिसोड 30: ‘एच-पॉप’ − कुनाल पुरोहित

(‘सम्बन्ध का के की’ के टाइटिल म्यूज़िक की उपलब्धि, पिक्साबे के सौजन्य से।)

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